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Vardaan Learning Institute

CBSE Class 10 Hindi (Course A) - Board Exam Practice Zone
अध्याय: Sangatkar
सामान्य निर्देश: यह अभ्यास पत्र बोर्ड परीक्षा के नवीनतम पैटर्न पर आधारित है। इसमें केवल अति महत्वपूर्ण प्रश्न संकलित किए गए हैं।
Q1

संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है? (मंगलेश डबराल)

उत्तर कवि 'संगतकार' के माध्यम से समाज के उन अनजान और पीछे रहने वाले (Backstage) कलाकारों और सहयोगियों की ओर संकेत कर रहा है, जो मुख्य व्यक्ति की सफलता के पीछे अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं। जैसे मुख्य गायक के साथ गाने वाला संगतकार, या किसी बड़े नेता/अधिकारी के पीछे काम करने वाले कर्मचारी। ये वो लोग हैं जो मंच (Front) पर तो नहीं आते, लेकिन उनके सहयोग (परिश्रम) के बिना मुख्य व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता। कवि ऐसे सहयोगियों के त्याग और निस्वार्थ भाव को सम्मान दे रहा है।
Q2

संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?

उत्तर संगतकार जैसे (परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले) व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देते हैं। जैसे:
1. खेल के क्षेत्र में: कोच, फिज़ियोथेरेपिस्ट या बैक-स्टाफ जो खिलाड़ी को तैयार करते हैं।
2. फिल्म जगत में: लाइटमैन, साउंड इंजिनियर, स्टंटमैन, और जूनियर आर्टिस्ट जिनकी वजह से हीरो चमकता है।
3. राजनीति में: ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता जो वोट मांगते हैं और रैलियां सफल बनाते हैं।
4. शिक्षा में: किसी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता और गुरुजनों का त्याग।
Q3

संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक की मदद करता है?

उत्तर संगतकार मुख्य गायक की निम्नलिखित रूपों में मदद करता है:
1. जब मुख्य गायक कठिन तानों में उलझकर भटकने लगता है, तब संगतकार उसकी स्थायी पंक्ति (धुनों) को पकड़े रखता है और उसे वापस मुख्य धुन पर लाता है।
2. जब मुख्य गायक का स्वर ऊँचाई पर जाकर टूटने (कमज़ोर पड़ने) लगता है या उसका गला बैठने लगता है, तब संगतकार अपनी आवाज़ मिलाकर उसे सम्भालता है।
3. वह मुख्य गायक को यह अहसास दिलाता है कि वह अकेला नहीं है।
Q4

भाव स्पष्ट कीजिए - "उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है, वह उसकी विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।"

उत्तर इस पंक्ति का भाव यह है कि संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक की आवाज़ से धीमा (नीचा) रखता है। उसके स्वर में जो संकोच (हिचक) होती है, वह उसकी किसी कमी या कमज़ोरी का प्रतीक नहीं है। बल्कि, यह उसका महान त्याग (मनुष्यता) और अपने गुरु/मुख्य गायक के प्रति सम्मान है। वह अपनी प्रतिभा को दबाकर मुख्य गायक की आवाज़ को ऊँचा उठने देता है। यह उसकी असफलता नहीं, महानता है।