CBSE Class 10 Hindi (Course B) • Sparsh Part-2 • Prose (Gadya)
पाठ का सारांश (Summary/Context):
'कारतूस' (Kartoos) हबीब तनवीर द्वारा लिखा गया एक बहुत ही रोमांचक एकांकी (One-act Play) है। यह नाट्य-कथा सन् 1799 (भारत में अंग्रेजों के शुरुआती शासन काल) की है। इस पाठ में अवध के नवाब—वज़ीर अली (Wazir Ali) की देशभक्ति, बहादुरी (Bravery), और अंग्रेज़ों के प्रति उसके हृदय में धधकने वाली नफरत (Hatred) का बहुत ही शानदार चित्रण किया गया है। वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, जिसका एकमात्र लक्ष्य (Goal) अंग्रेज़ों को भारत से बाहर खदेड़ना था। इस एकांकी में दिखाया गया है कि कैसे वज़ीर अली अकेले ही अंग्रेज़ी सेना के 'खेमे' (Camp) में घुसकर बड़ी चतुराई और बहादुरी से अंग्रेज़ कर्नल से 'कारतूस' (Cartridges) लेकर चला जाता है और कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है।
= अर्थ: यह बात कर्नल लेफ़्टिनेंट से कहता है। रॉबिनहुड जंगलों में रहने वाला एक मशहूर लुटेरा था जो 'अमीरों को लूटकर' ग़रीबों की मदद करता था और बहुत ही बहादुर था। वज़ीर अली भी जंगलों में छिपकर अंग्रेज़ों (कलेक्टर/वकील) को मार रहा था और उसकी बहादुरी के किस्से इतने मशहूर थे कि उसे पकड़ने में अंग्रेज़ी सेना के पसीने छूट गए थे। इसलिए अंग्रेज़ भी उसकी दिलेरी (Bravery) का लोहा मानते हुए उसकी तुलना रॉबिनहुड से करते हैं।
= अर्थ: अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को हटाकर उसके चाचा 'सआदत अली' को अवध का नवाब इसलिए बनाया, क्योंकि सआदत अली एक कमज़ोर और ऐश-पसंद (Luxury loving) आदमी था। वह देश की आज़ादी के बजाय सिर्फ 'अपनी जान' और 'शराब' से प्यार करता था। अंग्रेज़ों ने उसे गद्दी पर बिठाया और बदले में आधी रियासत (Property) और भारी दौलत हड़प ली, जिसके कारण अंग्रेज़ों का रास्ता साफ़ (Clear) हो गया। (यह पाठ 'मीरज़ाफ़र' जैसे गद्दारों के चरित्र पर भी प्रहार करता है)।
प्रश्न 1: 'वज़ीर अली' कौन था? अंग्रेज़ उसे भारत के लिए 'खेतरा' (Danger) क्यों मानते थे?
उत्तर: वज़ीर अली अवध (Awadh) का असली नवाब और एक बहुत ही निडर व शूरवीर
सिपाही था। उसके अंदर देशप्रेम कूट-कूट कर भरा था। अंग्रेज़ उसे सबसे बड़ा खतरा इसलिए मानते थे क्योंकि:
1. उसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेज़ों को भारत से बाहर खदेड़ना था। उसने कंपनी के वकील की भी हत्या कर दी थी।
2. उसने अंग्रेज़ों के खिलाफ विद्रोह करने के लिए अफ़गानिस्तान के बादशाह 'शाहज़माँ' को भी भारत पर हमला
करने के लिए बुलावा (Invitation) भेजा था।
वह अकेला ही पूरी अंग्रेज़ी फ़ौज पर भारी पड़ रहा था और उनकी नींद हराम कर चुका था।
प्रश्न 2: वज़ीर अली ने अकेले अंग्रेज़ों के खेमे (Camp) में जाकर क्या किया? इससे उसके चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
उत्तर: 'कारतूस' एकांकी के अंत में वज़ीर अली अकेले ही घुड़सवार
(Horse-Rider) के भेष में कर्नल के खेमे में पहुँचता है। वह कर्नल से अकेले में बात करता है और बहुत चतुराई
से कहता है कि उसे भी 'वज़ीर अली' (खुद को) पकड़ने के लिए कुछ कारतूस (Cartridges) चाहिए।
कर्नल बेवकूफ़ बनकर उसे 10 कारतूस दे देता है। जाते-जाते वह कर्नल को अपना असली नाम 'वज़ीर
अली' बताता है और अपनी शान से घोड़े पर बैठकर भाग जाता है।
इससे वज़ीर अली के 'अत्यंत साहसी' (Courageous), 'निडर' (Fearless) और 'अत्यधिक चतुर'
(Clever/Witty) होने की विशेषता प्रकट होती है। वह मौत के मुँह (दुश्मन के कैंप) में जाकर भी
हँसता हुआ वापस आ जाता है।
प्रश्न 3: 'सआदत अली' अंग्रेजों के लिए मददगार और वज़ीर अली के लिए दुश्मन क्यों था?
उत्तर: सआदत अली एक कमज़ोर (Weak), भोग-विलासी और डरपोक इंसान था। अंग्रेज़
एक ऐसे ही बेवकूफ 'कठपुतली' (Puppet) इंसान को अवध का नवाब बनाना चाहते थे जिससे वे आसानी से खूब पैसा लूट
सकें। इसलिए अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली (जो अंग्रेज़ों का विरोधी था) को हटाकर 'सआदत अली' को अवध की गद्दी पर
बैठा दिया।
बदले में सआदत अली ने अपनी 'आधी संपत्ति' (Properties) अवध का हिस्सा और बहुत सारी दौलत अंग्रेज़ों को
सौंप दी। चूंकि वज़ीर अली असली हक़दार और सच्चा देशभक्त था, इसलिए वह सआदत अली से नफरत करता था और सआदत अली
अपने लालच (स्वार्थ) के कारण वज़ीर अली का दुश्मन बन गया था।